Gurugram: हेरिटेज व धार्मिक स्थलों पर विशेष अभियान, नागरिकों को किया जागरूक
धार्मिक स्थलों पर विशेष ध्यान स्वच्छता टीमों ने आज (शुक्रवार) को सोहना के शिव कुंड मंदिर, गुरुग्राम के शीतला माता मंदिर, कादीपुर के बाबा रतन दास मंदिर, बसई के दादा भैया मंदिर, सेक्टर-49 के साईं मंदिर, सोहना के श्री राम मंदिर और गुरुग्राम के जैन मंदिर सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों और उनके आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ बनाया।

Gurugram News Network – हरियाणा शहरी स्थानीय निकाय विभाग के निर्देशानुसार, गुरुग्राम के निकाय क्षेत्रों में चल रहे स्वच्छता पखवाड़े के 13वें दिन आज एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। गुरुग्राम नगर निगम के साथ-साथ सोहना, पटौदी-जाटौली मंडी नगर परिषद और फरुखनगर नगर पालिका क्षेत्रों में हेरिटेज स्थलों, प्रमुख मंदिरों, पर्यटन स्थलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर सफाई अभियान चलाया गया।
धार्मिक स्थलों पर विशेष ध्यान स्वच्छता टीमों ने आज (शुक्रवार) को सोहना के शिव कुंड मंदिर, गुरुग्राम के शीतला माता मंदिर, कादीपुर के बाबा रतन दास मंदिर, बसई के दादा भैया मंदिर, सेक्टर-49 के साईं मंदिर, सोहना के श्री राम मंदिर और गुरुग्राम के जैन मंदिर सहित कई प्रमुख धार्मिक स्थलों और उनके आसपास के क्षेत्रों को स्वच्छ बनाया। इन पवित्र स्थानों पर विशेष ध्यान दिया गया ताकि यहां आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ वातावरण मिल सके।

व्यस्त इलाकों में भी सफाई अभियान धार्मिक स्थलों के साथ-साथ गुरुग्राम के व्यस्ततम इलाकों जैसे इफ्को चौक और एमजी रोड पर भी विशेष सफाई अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत सड़कों, फुटपाथों और ग्रीन बेल्ट क्षेत्रों की गहन सफाई की गई और कचरा उठाया गया। स्वच्छता कर्मियों ने स्ट्रीट वेंडर्स को भी समझाया कि वे डस्टबिन का इस्तेमाल करें ताकि सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी न फैले।
स्वच्छता: जन आंदोलन और जिम्मेदारी नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने इस मौके पर कहा कि स्वच्छता पखवाड़ा सिर्फ एक अभियान नहीं, बल्कि एक जन आंदोलन है। उन्होंने जोर दिया कि इस प्रयास को सफल बनाने के लिए नागरिकों की भागीदारी और जागरूकता बहुत ज़रूरी है। आयुक्त ने कहा, “स्वच्छता केवल स्वास्थ्य की नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति और जिम्मेदारी की भी पहचान है।”

उन्होंने बताया कि इस पखवाड़े के तहत हेरिटेज स्थलों और प्रमुख सार्वजनिक स्थानों की सफाई कर यह संदेश दिया गया है कि स्वच्छता सिर्फ घर तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि यह हमारी धरोहरों की गरिमा बनाए रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
पवित्रता और वातावरण का संबंध निगमायुक्त के अनुसार, धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों पर हर दिन हज़ारों लोग आते हैं। ऐसे स्थानों पर चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान न केवल इन स्थलों की साफ़-सफाई सुनिश्चित करते हैं, बल्कि नागरिकों को यह महत्वपूर्ण संदेश भी देते हैं कि पवित्रता केवल आस्था की नहीं, बल्कि हमारे आसपास के वातावरण की भी होती है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे इन अभियानों में भाग लें और अपनी दिनचर्या में स्वच्छता को प्राथमिकता दें। “स्वच्छ भारत का सपना तभी साकार होगा, जब हर नागरिक अपने कर्तव्यों को समझे और उसका पालन करे। यही हमारी संस्कृति, धरोहर और भविष्य के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी,” प्रदीप दहिया ने कहा।










